दिल्ली सरकार के बड़े फैसले: गिग वर्कर्स और शहरी गरीबों को राहत

दिल्ली सरकार के बड़े फैसले: गिग वर्कर्स और शहरी गरीबों को राहत

Delhi Government Major Decisions

Delhi Government's Major Decisions

 नई दिल्ली। Delhi Government's Major Decisions, दिल्ली सरकार ने गिग वर्कर्स के लिए अटल कैंटीन के नजदीक रेस्टिंग सेंटर बनाने की योजना को मंजूरी दे दी है। इसी तरह सावदा-घेवरा में 717 परिवारों को फ्लैट मिलने का रास्ता भी साफ हो गया है।

यह फैसले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली सचिवालय में दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) की 35वीं बोर्ड बैठक में लिए गए। बैठक में झुग्गीवासियों के पुनर्वास, श्रमिकों के कल्याण और शहरी गरीबों के लिए बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

गिग वर्कर्स के लिए नई पहल

गिग वर्कर्स और श्रमिकों के लिए बजट में घोषित पहल के तहत बैठक में रेस्टिंग सेंटर और जन सुविधा केंद्र विकसित करने के साथ इन्हें अटल कैंटीन के साथ जोड़ने का फैसला लिया गया।

इन केंद्रों पर कामकाजी वर्ग को एक ही स्थान पर भोजन, विश्राम और आवश्यक सेवाएं उपलब्ध होंगी। डूसिब को ऐसे उपयुक्त स्थानों की पहचान कर वहां करम करले के निर्देश दिए गए हैं।

अटल कैंटीन में सुधार, समय और व्यवस्था तय

अटल कैंटीन योजना को और प्रभावी बनाने के लिए इसके संचालन में बदलाव किया गया है। 100 कैंटीन और डिस्ट्रीब्यूशन सेंटरों को नए तरीके से व्यवस्थित किया गया है। समय बदलाव के बाद लंच का समय सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक और डिनर का समय शाम 6:00 बजे से रात 9:30 बजे तक रहेगा।

कामकाज को सुगम बनाने के लिए एजेंसियों को अतिरिक्त यूजर आईडी और पासवर्ड दिए जाएंगे और फेस रिकग्निशन सिस्टम से संबंधित डेटा अधिकतम एक माह तक ही सुरक्षित रखा जाएगा।

717 झुग्गीवासियों को मिलेंगे घर

बैठक में सावदा-घेवरा स्थित ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स में 717 झुग्गीवासियों को आवास देने का निर्णय लिया गया। इनमें 189 रेस कोर्स क्षेत्र की भाई राम कैंप, मस्जिद कैंप और डीआइडी कैंप बस्तियों से संबंधित हैं।

प्रत्येक लाभार्थी के लिए केंद्र सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा 1,12,000 रुपये की सहायता राशि डूसिब को दी जाएगी, जबकि लाभार्थियों को अपने फ्लैट के रखरखाव के लिए 30,000 रुपये तीन महीने के भीतर जमा करने होंगे।

इन्हें भी दिए जाएंगे फ्लैट 

इसके अतिरिक्त, इंदिरा कैंप (कल्याणपुरी), जी-प्वाइंट (गोल मार्केट), न्यू संजय कैंप (ओखला) और राजीव कैंप (मंडावली) जैसी पहले ही हटाई जा चुकीं चार बस्तियों के 221 लाभार्थियों को भी सावदा-घेवरा में फ्लैट दिए जाएंगे।

बैठक में सुल्तानपुरी में बने 1060 (जी 4) ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स, द्वारका सेक्टर 16-बी में पांच मंजिला 980 व 736 और 288 रहने योग्य बनाया जाएगा। इसके अलावा भलस्वा (जहांगीरपुरी पॉकेट-II) में 7400 फ्लैट्स के लिए सड़क, पार्क, सीवर सिस्टम और रास्तों का विकास किया जाएगा।